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रविवार, 11 अक्तूबर 2020

तीब्र तनाव के लक्षण और तनाव से कैसे बचें

तीब्र तनाव के पीछे का कारण, लक्षण, और इलाज

तनाव हमारे जीवन का एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण अवस्था है जिसका अगर सही वक्त पे पहचान और इलाज न हो सके तो बहुत ही गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है। तनाव के इलाज के लिए उसका पहचान जरूरी है कि यह तीब्र तनाव है या बहुकालीन तनाव है।
तो चलिए जानते है तीब्र तनाव क्या होते है और तीब्र तनाव का लक्षण, कारण, परीक्षण और इलाज क्या है, और तीब्र तनाव से कैसे बचें।
तीब्र तनाव के लक्षण और इलाज

तीव्र तनाव क्या होता है हिंदी में  Acute stress kya hota hai hindi me - Acute Stress Disorder in hindi

जैसे की नाम से ही प्रतीत हो रहा है की Acute यानी तीव्र रूप से या जल्दी होने वाली स्ट्रेस्ड या तनाव जो किसी महत्वपूर्ण घटना के वजह से होती है  उसको Acute Stress Disorder या तीव्र तनाव कहते है।

अक्सर देखा जाता है खुश-हाल जिंदगी जीने वाला इंसान किसी दुर्घटना के कारण अचानक तनाव में आ जाता है जिससे उसकी जिंदगी में काफी हलचल होने लगती है। ऐसे छोटी छोटी चीजें जो जीवन में घटित होती रहती है उनके वजह से लोग टेंशन या तनाव में आने लगते है।

उदाहरण जैसे की:-

-विधार्थी में एग्जाम में फेल हो जाना 

-ज़बरदस्ती शादी होना 

-शादी टूट जाना

-नयी जगह में शिफ्ट होना 

-अपनों से दूर हो जाना 

-नौकरी न मिलना 

-बच्चों में स्कूल का बदल जाना 

-व्यापार के अचानक नुकसान होना 

-तबियत ठीक न होने पर पर नकारात्मक ख्याल आना 

वैसे दिखने में यह बहुत ही मामूली डिसऑर्डर या बीमारी है पर इसका असर बहुत गहरा होती है। अगर वक़्त पे इसका इलाज न कराया जाए तो मरीज़ को डिप्रेशन होने की संभावना रहती है और बाद में यह गंभीर मानसिक बीमारी का रूप ले सकता है। 

इस बीमारी में सबसे बड़ी समस्या यह रहती है की इसका डायग्नोसिस बहुत ही मुश्किल होता है और ज्यादातर डॉक्टर कुछ मिनट के काउंसलिंग में मरीज़ को घर भेज देते है यह कहकर की सब ठीक है


तीव्र तनाव का कारण क्या है हिंदी में  Acute Stress ke karan kya hai hindi me - Acute stress causes in hindi 


वैसे तीव्र तनाव का मुख्य कारण हाल ही में घटी  कोई ऐसी घटना होता है जिसका असर दिल व दिमाग पे बहुत ही गहरा हुआ हो जैसे की:-


-जीवन में कोई मुख्य बदलाव होना 
 -काम में परेशानी
 -रिश्ते की कठिनाइयाँ
 -वित्तीय समस्याएँ
 -अति व्यस्त होना
 -बच्चे और परिवार की चिंता

कुछ उदाहरण से समझते है इसका कारण:-

- एकबार एक आदमी मोटरसाइकिल से कही जा रहा था। रास्ते में उनका किसी दूसरे आदमी से हल्का सा एक्सीडेंट हो गया। उस दूसरे आदमी ने उसको बाद में देख लूँगा कहकर चला जाता है। अब वो आदमी पूरा दिन इस घटना को लेकर परेशान रहने लगा। रात को उसे नींद नहीं आती और कोई आवाज़ सुनते ही डर जाता था।उसको यह डर सताने लगा की अगर वो आदमी उसके घर पे आया तो फिर क्या होगा, क्या वो उसके परिवार वालो के सामने उस से मार पीट करेगा या उसके परिवार को भी नुकसान पहुचायेगा। ऐसे ही बहुत सारी नकारात्मक ख्याल उसके दिमाग में आने लगे। उस एक अचानक हुई घटना से वो तीव्र तनाव का शिकार हो जाता है।
- दूसरी घटना एक लड़की के साथ घटी। वो लड़की स्वभाव से खुशमिजाज और पढने में बहुत ही होसियार थी। हमेशा अच्छे नंबर से पास होती थी। पढ़ाई के सिलसिले में उसे दूसरे शहर जाना पड़ा। पर दूसरे शहर जाते ही वो गुमशुम रहने लगी। पढ़ाई में भी उसका नंबर कम आने लगा। जब यह बात उसके परिवार वालो को मालूम हुआ तो वो लोग उसको Psychiatrist के पास लेकर गए। कुछ दिनों के काउंसलिंग के बाद मालूम चला की किसी लड़के ने उससे छेड़ खानी की थी जिस वजह से वो तीव्र तनाव का शिकार हो गयी थी।

ऐसे बहुत सारे उदाहरण हमारे समाज में है जहा अच्छे खुश हाल लोग किसी अचानक हुई घटना से तनाव में रहने लगते है।


पढ़े:-

तनाव या स्ट्रेस क्या है, जानिए तनाव के लक्षण और इलाज


तीव्र तनाव के लक्षण क्या है हिंदी में  Acute stress ke lakshan kya hai hindi me - Acute stress symptoms in hindi 


इसका लक्षण सामान्य तनाव के लक्षण जैसे ही होते है जो आसानी से पहचानी जा सकता है जैसे की:-

-खुद में ही खोए रहना 
-काम में मन ना लगना 
-बात बात पे गुस्सा आना 
-कोई भी चीज में घुलमिल न पाना 
-नए दोस्त न बनाना 
-मन में हमेशा किसी बात का डर लगा रहना 
-घबराहट होना 
-बदन दर्द करना 
-रात को ठीक से नींद न आना 
-भूख प्यास न लगना 
-किसी से बात न करना 

तीब्र तनाव का परीक्षण कैसे होता है हिंदी में Tibra Tanaw ka nidan ya parikshan kaise hota hai hindi mein - What is diagnosis of Acute Stress in hindi


चिकित्सक मरीज़ के लक्षणों को देख हाल फिलहाल में उनकी जीवन में हुई घटनाओं के बारे में पूछ कर तनाव के मुख्य कारण को पता करने की कोशिश करते है। 


निदान जटिल होता है। यह कई कारणों पर निर्भर करता है। निदान के लिए कई तकनीकों का उपयोग किया जाता है, लेकिन तनाव का निदान करने का और उसके असर को देखने का सबसे प्रत्यक्ष तरीका है - व्यापक रूप से, तनाव-उन्मुख, आमने सामने बैठ कर उसके बारे में बात या सवाल-जवाब करना।


तनाव का इलाज क्या है हिंदी में Tanaw ka Ilaj kya hai hindi mein - What is treatment of Stress in hindi


अगर तनाव हल्का हो और इसका मरीज़ के ऊपर कुछ ज्यादा प्रभाव न पड़ा हो तो इसका घर पे ही कुछ therapy use करके ठीक की जा सकती है।

लेकिन यदि कोई दुर्घटना या किसी भी वजह से मानसिक धक्का लगा है तो फिर मनोचिकित्सक (Psychiatrist) से मिलना पड़ सकता है।

मनोचिकित्सक आम तौर पे मरीज़ से बातचीत करके तनाव के कारणों को जानने की कोसिस करेंगे, उसके बाद अगर तनाव therapy से ठीक हो सकती है तो कुछ Routine therapy करने को कहेंगे। लेकिन यदि मरीज़ के स्तिथि ठीक नही है और आगे PTSD होने की संभावना है तो मनोचिकित्सक तनाव ठीक करने वाली दवाई या Anti-Depressant Medicine सेवन करने की सलाह देंगे।


तीब्र तनाव से कैसे बचें हिंदी में Tibra Tanaw se kaise bache hindi mein - How to prevent acute stress in hindi


ये एक शोध का विषय है कि किसी भी तरह के तनाव से कैसे बचा जा सकता है। हमारी जीवन मे हर पल कोई न कोई घटना होती रहती है, जो हमारी जीवन मे खुशहाली लाते है या फिर दुख जिस से हमे तनाव होता ही है। इसीलिए तनाव से बचना अभी के समय थोड़ा मुश्किल काम है। लेकिन फिर भी तनाव को कम करने के लिए आप कुछ तरीके आपने सकते है जिनमे शामिल है,

-एक्सरसाइज करना
-सामाजिक कार्यो पे ध्यान देना
-जब भी स्ट्रेस हो तो गहरी सांस लेना
-Meditation करना
-योग
/पढ़ने का आदत डालें
-अच्छी Music सुने जो आपको पसंद हो
-हमेशा हस्ते रहना
-खुद के लिए वक़्त निकलना
-घूमने जाना


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