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सोमवार, 5 अक्तूबर 2020

तनाव या स्ट्रेस क्या है tanaw kya hai - What is Stress in hindi

तनाव या स्ट्रेस क्या है

आप ने यह जरूर सुना होगा, चाहे वो अपने दोस्तों से हो या अपने क़रीबी या फिर अपने घरवालों से की कोई काम के वजह से वो बहुत ही तनाव में है। आपको यह ख़्याल जरूर आया होगा कि आखिर तनाव होता क्या है?
तो ऐसे जानते है तनाव के बारेमें कुछ साधारण जानकारी जो शायद आपको मालूम न हो।
तनाव का लक्षण, तनाव का इलाज, तनाव क्या है, तनाव के प्रकार, तनाव का परीक्षण, तनाव से कैसे बचें
तनाव


तनाव या स्ट्रेस क्या है? Tanaw kya hai hindi mein - What is stress in hindi

अगर आसान भाषा मे कहे तो कोई भी चीज जो हमे लगता है कि हमारे क्षमता के बाहर है तो हमे stress या तनाव देती है।

उदाहरण:-

-2 दिन बाद आपका Exam है लेकिन आपने अभी तक उसका preparation नही किया, फिर आपके दिमाग मे तरह तरह के ख्याल आने लगेंगे जैसे कि नही पढूंगा तो एग्जाम में पास नही हूँगा, पास नही हूँगा तो अच्छी नौकरी नही मिलेगी, घरवाले क्या कहेंगे, दोस्त आगे बढ़ जायेगें और मैं यही रह जाऊँगा। ऐसे ही बाते सोचकर आपको घबराहट होने लगेगी, जिसे हम stress या तनाव बोलते है।

तनाव भावनात्मक भी हो सकता है जैसे कि मान लीजिए कि आप किसी से प्यार करते है लेकिन वो आपको नज़रअंदाज़ कर रहा है, आप अपनी कंपनी में मेहनत से काम कर रहे है लेकिन कम्पनी कोई आपकी इज्जत नही कर रहा है, आपको प्रोमोशन रुका हुआ है, तो ऐसी इस्तिथि में होनेवाली मानसिक पीड़ा को हम स्ट्रेस कहते है।

पर यह जरूरी नही की स्ट्रेस सिर्फ नकारात्मक कारणों से आती हो, सकारात्मक कारण भी होता है जिससे तनाव की इस्तिथि उत्पन्न होती है, जैसे कि किसी के बेटा या बेटी अच्छी नंबर से पास हो गये तो उनके माँ बाप को उनकी अच्छी शिक्षा और ऊंची पढ़ाई के स्ट्रेस होने लगती है।

जब बच्चे बड़े होने लगे तो उनके शादी को लेकर स्ट्रेस होने लगती है।

Students अगर Class में first आजाये तो उनको अपनी position कायम रखने के लिए स्ट्रेस होंति है।

इसीलिए Stress Negative और Positive दोनों वजह से हो सकती है, पर असली मुद्दा ये है कि जब भी कोई चीज या situation हमारे कंट्रोल में नही होती तो हम stress हो जाते है। कई बार ऐसा होता है कि हम उन चीजों को कर सकते है लेकिन negative thought दिमाग मे आने लगते है और हैम स्ट्रेस हो जाते है।


तनाव कितने प्रकार के होते है हिंदी में Tanaw kitne prakar ke hote hai hindi me - What are types of Stress in hindi 

तनाव मुख्यतः 2 प्रकार के होते है:-

-Acute Stress (तीब्र तनाव)

(तीब्र तनाव के बारेमें जानकारी के लिए Click करे)

-Chronic Stress (बहुकालीन तनाव)

पर हम तनाव को 4 अन्य प्रकार में देखते है,

संघर्ष (Conflict)

अब इसमें क्या होता है की आप के पास किसी एक काम के लिए अलग अलग उपाय या तरीका है पर आपको यह समझ नहीं आ रहा कि कौन सा तरीका चुने और इसी चक्कर मे आपको तनाव होने लगता है। 

उदाहरण:-

-आपको शादी के लिए एक ही वक़्त में 2 अलग अलग रिश्ते आ गए। अब आपको समझ नही आ रहा किस से शादी करे और किसको मना करे। इसी चक्कर में आपको तनाव होने लगती है।

-आप एक student है और आपका अलग अलग यूनिवर्सिटी से छात्रवृति मिला है, पर आप ये तय नही कर पा रहे कि कौन से यूनिवर्सिटी में भर्ती ले, और इसी विषय मे सोचते सोचते आप स्ट्रेस का शिकार हो जाते है।

-आपको जॉब में प्रोमोशन मिला है पर अब आपको दूसरे शहर जाना होगा। यहाँ पर आपको प्रोमोशन भी चाहिए पर आप अपना शहर छोड़ना नहीं चाहते और इसी बात को लेकर आपको तनाव होने लगता है।

निराश या Fraustation

यह बहुत ही आम तरीका हैं जिससे तनाव होने का अधिकतर संभावना होती है। 
-आप कोई काम कर रहे है और वहां पे कोई आपको बारबार disturb कर रहा है तो आप fraustate हो जाएंगे, जिससे आपको स्ट्रेस होने लगेगी।
-आप मोबाइल में कोई game खेल रहे है और आप आख़िरी चरण पे है तभी किसी का फ़ोन आता है और आप गेम हार जाते है, तो उस वक़्त आपको बहुत ही ज्यादा frasutate हो जाएंगे।
-आप को कोई काम करना है लेकिन आपका Junior आपकी मद्दत नही कर रहा और आपके senior आपको परेशान कर रहे है, तो उस वक़्त आप को fraustation होगा।

बदलाव (Change)

किसी महान पुरुष ने कहा है कि जीवन का एक ही परम सत्य है, बदलाव। यदि आप बदलाव के लिए तैयार नही है तो आप को मानसिक तनाव जरूर होगा। बदलाव जैसे कि:-
-काम मे बदलाव,
-पढ़ाई में बदलाव,
-शादी में बदलाव,
-जीवन मे बदलाव,

 इन सब चीजों के लिए यदि आप तैयार नही है तो आपको स्ट्रेस होने की काफी संभावना है।

दबाव (Pressure)

Pressure तनाव लाने में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसमें एक कारण  होता है कि हम दूसरों से उम्मीद करते है,

जैसे की आप family के साथ बाहर जा रहे है तभी आपको एक बहुत जरूरी काम आ पड़ी, तब आप वो काम किसी दूसरे को देकर चले जाते है, लेकिन पूरी trip आप ये सोचकर परेशान रहते है कि उसने काम किया होगा या नही, और किस भी होगा तो ठीक से किया या नही।

और दूसरा होता है कि लोग हमसे उम्मीद कर, जैसे कि आप student है और आपके परिवार को आपसे उम्मीद है कि आप अच्छे से पढ़ के उनके नाम रौशन करेंगे, और यही बात आपके तनाव का कारण बन जाता है।

  • हंस सेली (1974) ने तनाव के चार रूपों को प्रस्तावित किया। एक धुरी पर वह अच्छे तनाव (eustress) और बुरे तनाव (संकट) का पता लगाता है।  दूसरे पर ज्यादा तनाव (Hyperstress) और अंडरस्ट्रेस (Hypostress) है। Selye इन संतुलन की वकालत करते हैं: मुख्य लक्ष्य हाइपरस्ट्रेस और हाइपोस्ट्रेस को पूरी तरह से संतुलित करना है और जितना संभव हो उतना अच्छे तनाव ले।


तनाव के कारण क्या होता है हिंदी में Tanaw ke karan hindi me - What are causes of Stress in hindi

तनाव का कोई विशेष कारण नही होता। अगर इंसान का मनोबल कमज़ोर है तो हर छोटी छोटी बातों से तनाव में आ जाता है। फिर भी कुछ कारण है,

सामान्य आंतरिक कारणों में शामिल हैं:

-निराशावाद

-अनिश्चितता को स्वीकार करने में असमर्थता

-कठोर सोच, लचीलेपन की कमी

-नकारात्मक आत्म-बात

-अवास्तविक अपेक्षाएं / पूर्णतावाद

-सभी या कुछ भी नहीं रवैया

तनाव के सामान्य बाहरी कारणों में शामिल हैं:

-प्रमुख जीवन बदल जाता है

-काम या स्कूल

-रिश्ते की कठिनाइयाँ

-वित्तीय समस्याएँ

-अति व्यस्त होना

-बच्चे और परिवार


तनाव के लक्षण क्या है हिंदी में Tanaw ke lakshan kya hai hindi mein - What is Symptoms of Stress in Hindi

तनाव के कारण भले ही अलग अलग हो पर इसका लक्षण सामान्यतः एक जैसे ही रहते है। लक्षण को विभिन्न वर्ग में हुए बदलाव के मद्देनजर मापी जाती है। जैसे कि:-

*तनाव के शारिरिक लक्षण (Physical stress of Stress)*

तनाव के समय शरीर मे काफी बदलाव आने लगता है जिससे अलग अलग समस्या सुरु होने लगती है जैसे कि:-

अधकपारी (Migraine)

 जब हम stressed होते है तब हमारे दिमाग मे काफी हलचल होने लगती है जिससे दिमाग मे खून का बहाव तेज़ होने लगता है। हमे महसूस होता है जैसे कि हमारे दिमाग मे नशा फड़क रही है या दिमाग में कुछ चल रहा है। इस से हमे सिर के कभी एक साइड तो कभी दूसरे साइड दर्द होने लगता है।

धड़कन तेज होना

तनाव के समय दिल का धड़कन अचानक से तेज़ होने लगती है और छाती में भारीपन महसूस होने लगता है। ऐसे Situation में यह खयाल आने लगता है कि कही Heart Fail तो नही हो जाएगा और यह सोचकर और ज्यादा तनाव बढ़ जाता है।

सांस लेने में तकलीफ

तनाव के समय अक्शर सांस लेने में तकलीफ होती है

नींद की समस्या (Sleep)

तनाव के कारण नींद सब से ज्यादा प्रभावित होती है। यह पाया गया है कि तनाव में इंसान को नींद कम आती है या नींद आती भी है तो बीच मे ही उठ जाते है, रात को सोने की कोसिस करते है फिर भी सो नही पाते।

मांशपेशियों में दर्द होना (Muscle Stiffness)

तनाव के समय शरीर alert रहता है जिससे शरीर के मांशपेशियों को भी alert रहना पड़ता है। जैसे कि हमे मालूम है कि तनाव में नींद या आराम करने में दिक्कत होती है इसीलिए मांशपेशियों को काम तो ज्यादा करना पड़ता है पर आराम का समय बहुत कम मिलता है जिससे मांशपेशियों में दर्द या muscle stiffness हो जाती है। इसमें शरीर के अलग अलग जगह पे दर्द होने लगता है जैसे कि पीठ दर्द, पैरो में दर्द, सिरदर्द इत्यादि।

तनाव के भावनात्मक लक्षण (Emotional Symptoms of Stress) :-

इसके कुछ लक्षण है,

-घबराहट महसूस करना

-दिल के धड़कन तेज़ होना

-बात बात पे रोने का मन करना

-अपने आप मे गुमसुम रहना

-चिड़चिड़ापन

-बोर होना

-Relax नही हो पाना

-उदाश होना

-अकेलापन महसूस करना

-घुस्सा आना

-बात बात पे मूड बदलना

-नकारात्मक सोच आना

-कोई काम पे ध्यान न होना

-हमेशा किसी चीज का डर सताना

तनाव के जुड़े समाजिक लक्षण (Social Symptoms of Stress):-

-झगड़ालू स्वभाव
-बात बात पे लड़ झगड़ जाना
-बिना बात अपनो से छोटे को मारना या गाली देना
-पारिवारिक कलह

तनाव का परीक्षण कैसे होता है हिंदी में Tanaw ka nidaan ya parikshan kaise hota hai hindi mein - What is diagnosis of Stress in hindi

चिकित्सक आम तौर पर मरीज के लक्षणों और उनकी जीवन की जुड़े घटनाओं के बारे में पूछकर तनाव का निदान करते है।  

निदान जटिल होता है। यह कई कारकों पर निर्भर करता है। निदान के लिए कई तकनीकों का उपयोग किया जाता है, लेकिन तनाव का निदान करने का और उसके असर को देखने का सबसे प्रत्यक्ष तरीका है - व्यापक रूप से, तनाव-उन्मुख, आमने सामने बैठ कर उसके बारे में बात या सवाल-जवाब करना।


तनाव का इलाज क्या है हिंदी में Tanaw ka Ilaj kya hai hindi mein - What is treatment of Stres s in hindi

अगर  तनाव हल्का हो तो आप घर पे ही आराम से कुछ therpay use करके तनाव को कम कर सकते है।

लेकिन यदि आप को किसी दुर्घटना या किसी भी वजह से गहरा मानसिक धक्का लगा है तो फिर आप को Psychiatrist से मिलना पड़ सकता है।

Psychatrist आम तौर पे आपसे बातचीत करके आपके तनाव के कारणों को जानने की कोसिस करेंगे, उसके बाद यदि आप therapy से ठीक होते है तो आपको कुछ Routine therapy करने को कहेंगे। मरीज के स्तिथि देखकर उनको तनाव ठीक करने वाली दवाई या Anti-Depressant Medicine दी जाती है।


तनाव से कैसे बचें हिंदी में Tanaw se kaise bache hindi mein - How to prevent stress in hindi

आजकल के भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव से बचना लगभग नामुमकिन है। लेकिन फिर भी तनाव को कम करने के लिए आप कुछ तरीके आपने सकते है जिनमे शामिल है,

-एक्सरसाइज करना

-सामाजिक कार्यो पे ध्यान देना

-जब भी स्ट्रेस हो तो गहरी सांस लेना

-Meditation करना

-योग

-पढ़ने का आदत डालें

-अच्छी Music सुने जो आपको पसंद हो

-हमेशा हस्ते रहना

-खुद के लिए वक़्त निकलना

-घूमने जाना


निष्कर्ष (Conclusion)

तनाव के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार एक विचार को दूसरे पर चुनने की हमारी क्षमता है

 -विलियम जेम्स

यानी यह हमारे ऊपर है कि जो बात हमे तनाव दे रही है, जिससे हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी पे असर पड़ रहा है बार बार उस बारेमें ही सोचते रहे या फिर उस बात को हम डटके सामना करें।


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