डेंगू बुखार के कारण लक्षण और घरेलु इलाज 2020 | Dengue fever in hindi 2020 - आरोग्य भारत

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शुक्रवार, 28 अगस्त 2020

डेंगू बुखार के कारण लक्षण और घरेलु इलाज 2020 | Dengue fever in hindi 2020

 डेंगू बुखार के कारण लक्षण और घरेलु इलाज | Dengue fever in hindi 2020 

जब भी बारिश का मौसम आता है तो हम हमेशा अखबारों में या न्यूज़ चैनल में देखते है की डेंगू नामक बीमारी ने पुरे देश में आतंक मचा रखा है। उसी वक़्त  डेंगू से बचने के लिए कई प्रकार के विज्ञापन से हमारा सामना होता है तो हमारे मन में यह ख्याल आता है की यह डेंगू क्या है और क्या यह इतना ही खतरनाक है ?
तो चलिए आज हम जानते है डेंगू बुखार के कारण, लक्षण, इलाज और उससे बचने का उपाय।  
dengue fever in hindi

    डेंगू बुखार क्या है - Dengue fever in hindi

    डेंगू बुखार एक दर्दनाक, दुर्बल करने वाली मच्छर जनित बीमारी है, जो की डेंगू वायरस के ४ अलग अलग प्रकारों में से किसी भी एक प्रकार के वायरस से होती है। यह बीमारी डेंगू वायरस से संक्रमित मच्छर के एक खास प्रजाति एडीज एग्य्प्ती (Aedes aegypti) के काटने से होती है। अगर आप डेंगू वायरस से संक्रमित होकर ठीक हो जाते है तो आपको उस वायरस से जिंदगी भर के लिए प्रतिरोधक शक्ति  (Immunity) मिल जाती है , लेकिन बाकी के 3 वायरस से इन्फेक्ट होने का संभावना रहता है। एक अनुमान से मुताविक पुरे जीवन में चारो प्रकार से डेंगू  वायरस से संक्रमित होने की संभावना हमेशा रहती है ।
    डेंगू बुखार जिन वायरस से होती है वो वायरस दुसरे बीमारी जैसे की पिला बुखार (Yellow fever), चिकुंगुन्य (Chikungunya), जिका बुखार (Zika fever), West nile virus infection फ़ैलाने वाली वायरस से सम्बंधित होती है । इसीलिए यह बीमारी का भी खतरा रहता है।
    World Health Organization (WHO) की माने तो पूरी दुनिया में हर साल करीब 40 करोड़ डेंगू बुखार के मामले सामने आते है। Tropical region जैसे की सहारन अफ्रीका , मध्य अमेरिका , मेक्सिको ,कैरिबियन , प्रशांत टापू , दक्षिणी अमेरिका ,दक्षिणी चीन , ताइवान ,इत्यादि जैसे जगह में डेंगू बुखार की ज्यादा सम्भावन रहती है।
    वही भारत की बात करे तो हर साल 1 लाख से ज्यादा मामले सामने आते है जिनमे करीब 500 से ज्यादा मौत होती है । भारत में डेंगू बुखार के मामले लगभग सभी जगह से आती रहती है।

    डेंगू बुखार के कारण - Causes of Dengue fever in hindi 

    डेंगू बुखार का बड़ा और एक मुख्य कारण मच्छर की एक प्रजाति है  जिसे  Aedes aegypti कहते है। इस प्रजाति वाले मच्छर डेंगू के अलावा भी अलग अलग बीमारी फ़ैलाने वाली वायरस को लेकर घूमते है और यह पूरी दुनिया में पाए जाते है ।
    Aedes aegypti in hindi

    Aedes aegypti की कुछ ख़ास पहिचान:-

    • यह सुबह और शाम को ज्यादा आक्रामक होते है,
    •  इन मच्छर के पैर से एक पतली सफ़ेद धारिया दिखाई देती है जो उनके पेट तक होती है जिससे इनकी पहचान आसानी से हो जाती है,
    • यह ज्यादा ऊपर तक नहीं उड़ सकते है,
    • यह ठन्डे और छाव वाले जगह पर ज्यादा पाए जाते है ,
    • घरो में यह ज्यादातर पर्दों के पीछे या अँधेरी जगह में रहते है,
    • इनकी प्रजनन की जगह अक्शर शांत और ठहरा हुआ पानी होता है,
    • यह अपने प्रजनन वाले जगह के 150-200 मीटर के दुरी के अन्दर ही उड़ते है, 
    • अगर पानी सुख जाए तब भी इनके अंडे करीब 1 साल तक ख़राब नहीं होते। 
    इस बात पे गौर करे की मच्छर सिर्फ एक माध्यम का काम करते है। यह संक्रमण तभी होता है जब वो खुद संक्रमित हो।
    मादा मच्छर जब संक्रमित आदमी को काटती है तब वो खून के साथ साथ डेंगू वायरस को भी अपने अन्दर ले लेती है। फिर २-१० दिनों के अन्दर मादा मच्छर खुद भी संक्रमित हो जाती है। संक्रमित होने के बाद जब भी वो किसी स्वस्थ आदमी को काटती है तो उस आदमी के अन्दर डेंगू वायरस छोड़ देती है जिससे वो आदमी भी संक्रमित हो जाता है। 
    डेंगू वायरस एक RNA वायरस (वायरस जिसका genetic material RNA होता है) है जो Flaviviridae परिवार से आता है। इसके 4 प्रकार है - DENV-1, DENV-2, DENV-3, और DENV- 4.
    डेंगू वायरस के genome (genetic material) में करीब 11000 nucleotide bases (biological compound जो nucleic acids,जो जीवन के सभी रूपों के लिए आवश्यक है ,को बनने में मदत करती है ) होती है जो 3 अलग प्रकार के प्रोटीन molecules को कोड करते है - E, C, prM. ये प्रोटीन वाइरस के पार्टिकल बनाने में मदद करते हैं और 7 अन्य प्रकार के प्रोटीन भी बनाते हैं हैं जिनके नाम हैं- NS5, NS4a, NS2b, NS1, NS2a, NS3, NS4b. ज्यादातर  ये प्रोटीन  संक्रमित host की cell में पाए जाते हैं जहाँ पर वाइरस का रेप्लीकेशन होता हैं। 
    इंसान इन प्रजाति के मच्छर के लिए एक HOST के समान होता हैं, मच्छर के सिंगल बाईट से भी रोग होने की सम्भावना बन जाती हैं. हालांकि रोगी के खून में डेंगू के वाइरस होने के कारण इस इन्फेक्टेड ब्लड से या फिर ऑर्गन डोनेशन से भी ये फ़ैल सकता हैं। 
    10 साल के कम उम्र के बच्चों में इस रोग की सम्भावना प्रबल रहती हैं. ये देखा गया हैं कि डेंगू फीवर के कारण बच्चों में मृत्यु दर 6 से 30 % तक होती हैं. और एक साल से कम के बच्चों में डेंगू के कारण मृत्यु की सम्भावना बढ़ जाती हैं।


    डेंगू बुखार के लक्षण - Dengue fever symptoms in hindi

    ज्यादातर (करीब 80%) डेंगू के मरीजो में सामान्य या कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देता । डेंगू मरीज जिनमे कोई अधिक लक्षण हो उनकी संख्या करीब 5% होती है वही जान का खतरा वाले लक्षण करीब 1% मरीज में पायी जाती है।
    अगर नियम की माने तो संक्रमित मच्छर के काटने के करीब 3 से 14 दिनों के अंदर लक्षण दिखाई देती है पर ज्यादातर लक्षण 4 से 7 दिनों के अन्दर लक्षण दिखती है। 

    सामान्य लक्षण के आलावा डेंगू के कुछ लक्षण:-

    • अचानाक तेज बुखार आना (106 डिग्री फ़ारेनहाइट तक)
    • तेज सिरदर्द होना
    • आखो में दर्द होना 
    • माशपेशी व जोड़ो में दर्द होना 
    • बदन पे rashes आना जो की कुछ दिनों में अपने आप ख़तम हो जाती है 
    • उलटी होना 
    • भूख कम लगना या खाने का बिलकुल भी मन न करना 
    • मशुदे व नाक से खून आना 
    • बदन ठंडा होना 
    • कमजोरी व थकावट महसूस करना इत्यादि 
    ज्यादातर लोग एक या एक सप्ताह के भीतर ठीक हो जाते हैं। कुछ मामलों में, लक्षण बिगड़ जाते हैं और जानलेवा बन बन जाते है।  Blood vessels अक्सर क्षतिग्रस्त और लीक हो जाती हैं जिससे खून में Platelets की भारी कमी हो जाती है । 

    इस वजह से dengue hemorrhagic fever होनेका खतरा रहता है जिनका लक्षण है :-

    • गंभीर पेट दर्द
    • लगातार उल्टी होना
    • मसूड़ों या नाक से रक्तस्राव
    • मूत्र, मल या उल्टी में रक्त
    • त्वचा के नीचे रक्तस्राव, जो चोट लगने जैसा लग सकता है
    • सांस लेने में कठिनाई या तेज
    • ठंडा या चिपचिपा त्वचा
    • थकान
    • चिड़चिड़ापन या बेचैनी 

    डेंगू की पहिचान - Dengue fever diagnosis in hindi 

    डेंगू बुखार का परिक्षण करना मुश्किल होता है, क्योंकि इसके लक्षण और लक्षण अन्य बीमारियों के लक्षण में काफी समानताएं होती है - जैसे कि मलेरिया, फ्लू और टाइफाइड बुखार।
    आपका डॉक्टर आपके मेडिकल और यात्रा इतिहास के बारे में पूछेगा। अंतरराष्ट्रीय यात्राओं का विस्तार से वर्णन करना सुनिश्चित करें, जिन देशों में आप गए थे और क्या कभी मच्छरों के संपर्क में आये थे यह सब बाते डॉक्टर को बताये।
    उसके बाद डॉक्टर आपकी ब्लड टेस्ट करेगा जिसमे WBC और Platelets count के नतीजे के आधार पे डॉक्टर आपको आगे का इलाज बताएँगे।

    डेंगू का इलाज - Dengue fever treatment in hindi 

    डेंगू बुखार वायरस से होती है और अभी तक इसका कोई एंटीबायोटिक नहीं बना है । डेंगू होने पर डॉक्टर आपको ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करने के लिए कहेंगे। लक्षण के आधार पे जैसे की दर्द और बुखार आने पे डॉक्टर आपको Acetaminophen लेने की राय देंगे।
    याद रहे की कोई भी दवा जो bleeding complication को बढावा दे उसको नहीं लेना है क्यों की डेंगू में internal haemorrage का खतरा रहता है और ऐसी दवा उसको और trigger कर देंगे।

    डेंगू से कैसे बचे - Dengue fever prevention in hindi

    मलेरिया की तरह ही डेंगू बुखार से बचने का एक मात्र रास्ता यह है की आप मच्छरों से बच के रहे
    • अपने आस पास मच्छर को उपजने न दे,
    • घर के आसपास गन्दगी न रखे और जमा हुआ पानी को रोजाना साफ़ करे,
    • कोशिस करे की घर के अन्दर ही रहे विशेष करके रात को जब मच्छर अधिक सक्रिय होते है,
    • मच्छरदानी का उपयोग करे,
    • ऐसे कपडे का इस्तेमाल करे जो आपके ज्यादातर शरीर को ढक सके,
    • त्वचा  (skin) पे  mosquitoes repellent cream या लोशन का इस्तेमाल करे, 
    • अपने घर में मच्छर होने पे मच्छर मरने वाली स्प्रे का इस्तेमाल करे, 

    डेंगू बुखार में घरेलु इलाज - Home treatment of Dengue fever in hindi 

    मलेरिया की तरह ही डेंगू बुखार में घरेलु उपचार काफी हद्द तक एक supporting therapyके तरह काम करती है
    डेंगू बुखार में कुछ घरेलु नुस्खे अपनाये जा सकते है जैसे की :-
    • डेंगू में अक्शर शरीर में पानी की कमी हो जाती है इसिलए खूब सारा साफ़ पानी पिया करे 
    • डेंगू बुखार में internal bleeding का खतरा बना रहता है क्यों की डेंगू वायरस के कारण खून में Platelets count low रहती है, इसीलिए पपीते (papaya) का जूस जितना हो सके उतना पिया करे क्युकी इससे ALOX12 नाम के एंजाइम 15 गुना तक बढ़ जाती है। यह एंजाइम PLATELETS बढ़ाने में मद्दत करता है
    • तुलसी का पत्ते का इस्तेमाल करे , तुलसी के पत्ते का क्या फ़ायदा है यह मुझे लगता है बताने की जरुरत नहीं
    • संतरे व अन्य प्रकार के फ्रूट के जूस का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करे, 
    • नीम के पत्ते का भी इस्तेमाल कर सकते है, 
    • बाकी अच्छा और पोस्तिक खाना यह सब तो करना ही है, 
    इस बात का खास ध्यान रखे की डेंगू बुखार में खाने का मन नहीं करता। अब यह आप के ऊपर है की आप अपने आप को कैसे संभालेंगे
     

    डेंगू बुखार में क्या न करे - Precaution during Dengue fever in hindi

    मलेरिया जैसे ही इसमें भी कुछ चीजो का परहेज करना पड़ता है जैसे की:-
    • तला हुआ खाना न खाए,
    • केक , मिठाई ,बिस्कुट ,इत्यादि सेवन न करे,
    • बाजार में मिलने वाली readymade खाना  न खाए,
    • शराब व अन्य पेयजल का इस्तेमाल न करे  क्यों की यह मेटाबोलिज्म को असर करता है,
    • चाय व कॉफ़ी का इस्तेमाल न करे 

    राय - Conclusion

    डेंगू बुखार से घबराने की कोई जरुरत नहीं। अगर सुरुवाती लक्षण आने पे ही सही तरीके से इलाज की जाये तो यह आसानी से ठीक हो सकती है।
    याद रखे की कोई भी दवा तभी काम करती है जब उसको लेने वाला मरीज सकारात्मक रहे। बीमारी के वक़्त नकारात्मक ख़याल आना स्वाभाविक है पर अगर अपने मन में यह ठान ली जाये की मुझे ठीक होना है तो कोई भी बीमारी आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। दवा का काम सिर्फ इतना होता है की वो आपके शरीर में हो रहे काम करने के गति को बढ़ा दे। अगर आप नकारात्मक रहेंगे तो दवा कितना भी खाले पर आपके दिमाग शरीर को यही सिग्नल भेजेगा की आप अभी भी बीमार है
    इसीलिए हमेशा दिमाग को बेवक़ूफ़ बनाके रखे
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